
आधी रात, घना कोहरा और सिस्टम की घोर लापरवाही…
नोएडा में ऑफिस से घर लौट रहे 27 वर्षीय युवा इंजीनियर की ज़िंदगी एक पल में खत्म हो गई।
कोहरे के बीच न कोई चेतावनी बोर्ड, न सुरक्षा बैरिकेड और कार सीधे गहरे नाले में जा गिरी
यह सिर्फ़ एक हादसा नहीं, यह प्रशासनिक लापरवाही से हुई मौत है
सवाल साफ़ है
अगर रास्ते सुरक्षित होते, नाले ढके होते, और समय पर इंतज़ाम किए गए होते
तो आज एक घर उजड़ने से बच सकता था
हर हादसे के बाद जांच के आदेश और कुछ दिनों की चुप्पी
लेकिन जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी?
कब सड़कों को मौत का जाल बनने से रोका जाएगा
आप लोगों की क्या राय है इस घटना को लेकर








