
किराड़ी की हालत बद से बदतर है सड़कों पर गड्ढे, गलियों में पानी, नालियां उफनती और जनता बेहाल।
नेताओं के वादे पोस्टरों तक सीमित हैं, ज़मीन पर सिर्फ़ लापरवाही और भ्रष्टाचार।
चुनाव आते ही मुस्कान, जीतते ही ग़ायब किराड़ी को विकास नहीं, सिर्फ़ झूठ मिला।
सवाल साफ़ है: जनता कब तक भुगते, और नेता कब तक भाषणों से धज्जियां उड़ाते रहेंगे?
(अनीता सिंह पत्रकार)








