


भाजपा नेता राकेश बाजपेयी ने सीएमओ को सौंपा पत्र, बाढ़-बारिश के बाद बीमारियों से निपटने की तैयारी तेज करने की मांग
पैलानी-जसपुरा समेत जिलेभर में फ्लू, मच्छरजनित बीमारियों और संक्रमण की आशंका, दवा व जांच व्यवस्था दुरुस्त करने पर जोर
बांदा। जिले में लगातार बारिश और बाढ़ के बाद अब जलभराव, गंदगी और दूषित पानी के कारण विभिन्न बीमारियों के फैलने की आशंका को लेकर स्वास्थ्य विभाग से तैयारियां तेज करने की मांग उठी है। पैलानी, जसपुरा क्षेत्र समेत पूरे जनपद में फ्लू, मच्छरजनित बीमारियों तथा विभिन्न प्रकार के संक्रमण की रोकथाम के लिए भाजपा नेता राकेश बाजपेयी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) बांदा को पत्र सौंपकर तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
सीएमओ को दिए पत्र में राकेश बाजपेयी,समाज सेवी ने कहा कि जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश और बाढ़ के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद जगह-जगह जलभराव, कीचड़, गंदगी और नमी की स्थिति बनी हुई है। ऐसे वातावरण में मच्छरों की संख्या बढ़ने के साथ ही संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है। विशेष रूप से पैलानी और जसपुरा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों में लोगों के स्वास्थ्य पर विशेष निगरानी की आवश्यकता है।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से मांग की कि संभावित बीमारी फैलने की स्थिति से निपटने के लिए पहले से आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही चिकित्सकीय जांच की व्यवस्था भी मजबूत की जाए, ताकि बीमारी के लक्षण सामने आने पर ग्रामीणों को तत्काल उपचार मिल सके।
राकेश बाजपेयी,समाज सेवी ने कहा कि बारिश और बाढ़ के बाद वायरल फीवर, फ्लू, मच्छरजनित बीमारियों तथा दूषित पानी और गंदगी से होने वाले संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में बीमारी फैलने के बाद उपचार शुरू करने के बजाय स्वास्थ्य विभाग को पहले से ही एहतियाती कदम उठाने चाहिए। प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य टीमों की निगरानी बढ़ाने, संदिग्ध मरीजों की जांच कराने और जरूरत के अनुसार दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर उन्होंने जोर दिया।
उन्होंने सीएमओ से मांग की कि पैलानी-जसपुरा क्षेत्र सहित जिले के सभी बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें सक्रिय की जाएं। ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई, मच्छरों से बचाव और संक्रमण से संबंधित सावधानियों के बारे में जागरूक किया जाए। साथ ही जहां जलभराव की स्थिति बनी हुई है, वहां संबंधित विभागों के समन्वय से सफाई और मच्छर नियंत्रण की कार्रवाई भी कराई जाए।
भाजपा नेता ने कहा कि बाढ़ के दौरान राहत और बचाव कार्य के बाद सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित आबादी को बीमारियों से बचाना है। समय रहते स्वास्थ्य विभाग ने पर्याप्त दवा, जांच और चिकित्सा व्यवस्था तैयार रखी तो संभावित संक्रमण और बीमारियों को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने सीएमओ से इस दिशा में अतिशीघ्र ठोस कार्ययोजना बनाकर कार्रवाई शुरू करने का आग्रह किया है।
रिपोर्टर निमेश मिश्रा बांदा उत्तर प्रदेश











