सत्य निकेतन, दिल्ली—जहां छात्र हादसे के बाद मलबे के बीच अपनों को तलाश रहे थे, वहीं DUSU की संयुक्त सचिव दीपिका झा के रेस्टोरेंट में बैठकर खाना खाने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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सत्य निकेतन, दिल्ली—जहां छात्र हादसे के बाद मलबे के बीच अपनों को तलाश रहे थे, वहीं DUSU की संयुक्त सचिव दीपिका झा के रेस्टोरेंट में बैठकर खाना खाने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

एक तरफ छात्र संकट में सड़क पर थे, दूसरी तरफ अगर जनप्रतिनिधि सचमुच रेस्टोरेंट में बैठी थीं, तो यह संवेदनशीलता पर बड़ा सवाल है।

छात्रों ने आपको वोट मुश्किल वक्त में उनके साथ खड़े होने के लिए दिया था, सिर्फ पद संभालने के लिए नहीं।

सवाल सीधा है—

जब आपके अपने छात्र मुसीबत में हों, तब नेता की पहली प्राथमिकता क्या होनी चाहिए—लंच की प्लेट या छात्रों की मदद?

और अगर यह आरोप सही है, तो दीपिका झा को सामने आकर छात्रों से जवाब और माफी दोनों देनी चाहिए।