
जब सूर्य अपनी दिशा बदलता है,
तो हमें भी अपनी सोच बदलनी चाहिए।
मकर संक्रांति सिर्फ़ त्योहार नहीं,
ये अंधेरे से उजाले की ओर बढ़ने का संदेश है।
ठंड के बाद गर्माहट,
और निराशा के बाद नई शुरुआत का नाम है संक्रांति।
तिल-गुड़ हमें सिखाते हैं—
कड़वाहट छोड़ो, मिठास बाँटो।
पतंगें कहती हैं—
ऊँचा उड़ो, लेकिन ज़मीन से जुड़े रहो।







