

डॉ. दीपेश भारत मिश्र ने बढ़ाया ‘बांदा ‘का ‘मान’ : कृषि विश्व विद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर बन रचा कीर्तिमान।
बांदा। प्रतिभा,कठिन परिश्रम और निरंतर संघर्ष का परिणाम आखिरकार रंग लाया। बांदा के कालू कुँआ निवासी डॉ.दीपेश भारत मिश्र ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम करते हुए कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय,बांदा के वेटरनरी महाविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर (एलएफसी एनिमल न्यूट्रिशन) के पद पर कार्यभार ग्रहण कर लिया। उनकी इस उपलब्धि से पूरे जनपद में खुशी का माहौल है और उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं।
डॉ. दीपेश की सफलता किसी संयोग का परिणाम नहीं,बल्कि वर्षों की कठिन तपस्या, अनुशासित जीवन और उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों का प्रतिफल है। प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर और सरस्वती विद्या मंदिर से प्राप्त करने के बाद उन्होंने ऑल इंडिया प्रतियोगिता के माध्यम से बीवीएससी में प्रवेश प्राप्त किया। इसके बाद जबलपुर विश्वविद्यालय से बीवीएससी, मथुरा विश्वविद्यालय से एमवीएससी तथा देश के प्रतिष्ठित नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट करनाल से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की।
उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने लगभग दो वर्षों तक एनिमल साइंटिस्ट के रूप में शोध और सेवा का कार्य किया। अब उनकी प्रतिभा को नई पहचान मिली है और उनका चयन कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, बांदा में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हुआ है।
अपनी इस उपलब्धि पर डॉ. दीपेश भारत मिश्र ने विनम्रता के साथ इसका पूरा श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से मिले अनुशासन और संस्कारों को दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बल्कि निरंतर मेहनत, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास ही मंजिल तक पहुंचाते हैं।
डॉ. दीपेश के पिता रूद्र प्रसाद मिश्र राजकीय इंटर कॉलेज के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य हैं। शिक्षा और सामाजिक जीवन में उनका योगदान लंबे समय से रहा है। वहीं उनके छोटे भाई जनपद में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों का संचालन कर आमजन को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने का कार्य कर रहे हैं।
डॉ. दीपेश की इस उपलब्धि से पूरे जनपद में खुशी का माहौल है। शिक्षकों, चिकित्सकों, सामाजिक संगठनों,मित्रों और शुभचिंतकों द्वारा उन्हें लगातार बधाइयां दी जा रही हैं।
रिपोर्टर निमेश मिश्रा बांदा उत्तर प्रदेश










