

बांदा आस्था और विश्वास की आड़ में लोगों को ठगने वाले तीन शातिर आरोपियों को तिंदवारी पुलिस ने गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। ये आरोपी साधु-संत का भेष धारण कर लोगों को रुपये दोगुना करने का लालच देते थे और मौका पाकर नकदी व आभूषण लेकर फरार हो जाते थे।पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज तथा क्षेत्राधिकारी सदर सौरभ सिंह के पर्यवेक्षण में थाना तिंदवारी पुलिस ने तीनों आरोपियों को भिडौरा रोड से गिरफ्तार किया।मामला तब प्रकाश में आया जब फतेहपुर निवासी मनीष साहू ने तिंदवारी थाने में शिकायत दर्ज कराई कि 18 जून 2026 को बेंदाघाट चौराहे के पास साधु के वेश में मिले एक व्यक्ति ने रुपये दोगुना करने का प्रलोभन दिया। इसी दौरान कार से पहुंचे दो अन्य लोगों ने उनकी गाड़ी में रखे 50 हजार रुपये पार कर दिए और तीनों मौके से फरार हो गए।पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई तथा मुखबिर की सूचना पर 19/20 जून की रात तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 75,200 रुपये नकद, घटना में प्रयुक्त एक चारपहिया वाहन, एक अवैध 315 बोर तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
गिरफ्तार आरोपी अजय नाथ पुत्र राधे नाथ, निवासी पिंगरी, थाना फरह, जनपद मथुरा।नवाब नाथ पुत्र खजान नाथ, निवासी विसरख सेक्टर-1, थाना विसरख, जनपद गौतमबुद्ध नगर।गौरव नाथ पुत्र सुरेश नाथ, निवासी अछेजा, थाना हसनपुर, जिला पलवल (हरियाणा)।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे साधु-संत का भेष धारण कर विभिन्न क्षेत्रों में घूमते थे और स्वयं को धार्मिक व्यक्ति बताकर लोगों का विश्वास जीतते थे। इसके बाद वे रुपये दोगुना करने या धनवृद्धि का झांसा देकर नकदी और आभूषणों की चोरी व टप्पेबाजी कर फरार हो जाते थे।आरोपियों ने यह भी कबूल किया कि कुछ समय पहले उन्होंने बांदा शहर रेलवे स्टेशन के पास एक महिला को झांसा देकर उसके आभूषण भी ठग लिए थे।
पुलिस अब इनके आपराधिक इतिहास की पड़ताल कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन्होंने किन-किन क्षेत्रों में ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया है।एक बार फिर यह घटना साबित करती है कि आस्था के नाम पर मिलने वाले लालच से सावधान रहना जरूरी है। रुपये दोगुना करने या चमत्कार से धन बढ़ाने का दावा करने वाले अधिकांश लोग लोगों की मेहनत की कमाई पर ही नजर लगाए बैठे होते हैं।
रिपोर्टर निमेश मिश्रा बांदा उत्तर प्रदेश










