लखनऊ कोचिंग अग्निकांड: में 8 होनहार छात्रों की दर्दनाक मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

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लखनऊ कोचिंग अग्निकांड: में 8 होनहार छात्रों की दर्दनाक मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुए भीषण कोचिंग अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में 8 होनहार छात्रों की जान चली गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। मृतक छात्र-छात्राएं अपने सपनों को पूरा करने के लिए कोचिंग संस्थान पहुंचे थे, लेकिन लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमी ने उनके जीवन का सफर बीच में ही समाप्त कर दिया।

मृतकों में अनुष्का यादव (20 वर्ष), आदित्य श्रीवास्तव (21 वर्ष), तुषा मिश्रा (19 वर्ष), शिवम सोनी (20 वर्ष), मयंक गुप्ता (22 वर्ष), काजल वर्मा (19 वर्ष), अंकित राज (21 वर्ष) और साक्षी पाल (20 वर्ष) शामिल हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग तेजी से पूरे भवन में फैल गई। बताया जा रहा है कि कोचिंग संस्थान के बेसमेंट और भवन में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं थे। आग लगने के बाद छात्रों को बाहर निकलने का पर्याप्त रास्ता नहीं मिल पाया, जिससे स्थिति और भयावह हो गई।

घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिन घरों में बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के सपने देखे जा रहे थे, वहां अब मातम पसरा हुआ है। पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।

इस हादसे के बाद सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते सुरक्षा नियमों का पालन कराया गया होता और नियमित जांच होती, तो शायद इतनी बड़ी त्रासदी टाली जा सकती थी।

प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं लोगों का कहना है कि हर बड़े हादसे के बाद केवल जांच और आश्वासन नहीं, बल्कि जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई और व्यवस्था में वास्तविक बदलाव होना चाहिए।

NSS News की अपील:

यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि उन सपनों की मौत है जो देश का भविष्य बनने वाले थे। दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि और शोकाकुल परिवारों के प्रति गहरी संवेदना। साथ ही सवाल भी—क्या हर हादसे के बाद सिर्फ मोमबत्तियां जलेंगी, या व्यवस्था में बदलाव भी होगा?